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गायक का रियाज छूटना नहीं चाहिए: अरफीन
इंदौर. रियलिटी शो में पार्टिसिपेट करना या उसे जीत लेने का यह मतलब नहीं है कि आप एक गायक के रूप में स्थापित हो गए हो. एक गायक को कभी भी सीखना बंद नहीं करना चाहिए और उसका रियाज भी छूटना नहीं चाहिए. यह ऐसी कला है जितना सीखोगे उतना निखरेगी. मुझे मेरे गुरु ने भी यही सिखाया है कि कभी सा यानि शास्त्रीय संगीत नहीं छूटना चाहिए.
यह कहना है गायक अरफीन राना मीर का. वे स्टार भारत के शो राधाकृष्ण के लिए निकाली जा रही अनूठी बाँसुरी-यात्रा के लिए शुनिवार को इंदौर में थे. इस यात्रा के माध्यम से हर किसी को राधाकृष्ण के पवित्र प्रेम का समीप से अनुभव करने और उसे समझने का अवसर मिलेगा. इसमें प्रशंसकों को सोने से बनी 10 फ़ुट ऊँची बाँसुरी ने वृंदावन, मथुरा की पवित्र भूमि के दर्शन का मौका मिलेगा. यात्रा में अरफीन ने कृष्ण के गाने वो किशना है और कान्ह जग का गोरख धंधा गीत पेश किये.
अरफीन बताया कि इस यात्रा में इसलिए जुड़ा क्योंकि मुझे सूफी गीत और भजन बहुत पसंद है. मुझे भगवान और अल्लाह से जुडऩे का मौका मिलता है. अरफीन ने आगे बताया कि मुझे बचपन से ही घर में सगीत का माहौल मिला क्योंकि पापा लोक गीत गाते थे. इसलिए मुझे संगीत से प्यार रहा. उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा. इसके बाद उस्ताद राशिद खान से प्रशिक्षण लिया. मैं पांच साल की उम्र से ही संगीत सीख रहा हूं. शास्त्रीय संगीत मेरे लिए ग्रामर जैसा है. इसके अलावा में सभी संगीत सुनता हूं क्योंकि किसी भी सीमा में बंधना नहीं चाहता हूं.
मैंने सबसे पहले सारेगामापा में भाग लिया था और उसमें तीसरे नंबर पर रहा था. इसके बाद ओम शांति ओम रियलिटी शो में विजेता रहा. इसके साथ ही मैंने टॉलीवुड में भी कई गाने गाए हैं. मैं भविष्य में ए.आर. रहमान, अतुल-अजय और विशाल-शेखर के साथ गाना चाहता हूं. मुझे विशेष रूप से अतुल-अजय सर की कंपोजिशन अच्छी लगती है.
रियलिटी शो से बढ़ता है आत्मविश्वास
अरफीन राना मीर ने बताया कि रियलिटी शो किसी भी गायक को स्थापित तो नहीं करता लेकिन उसे एक बहुत बड़ा मंच देता है. जिसकी वजह से वह अपनी आवाज दुनिया को सुना सकता है. जजेस और मेंटर से भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है. यह सीख आगे जाकर बहुत काम आती है. इसके साथ आत्मविश्वास बढ़ता है और पर्सनानिलटी डेवलपमेंट होता है. उन्होंने कहा कि मैं सभी गायकी सीख रहे युवाओं से कहूंगा कि वर्सिटलिटी जरूरी है. भविष्य में भले ही किसी एक पर फोकस करें. शास्त्रीय संगीत जरूर सीखें और रिजाय करना कभी न छोड़े. हर तरह के गाने सुनो. वल्र्ड म्यूजिक सुने और सीखे भारतीय शास्त्रीय संगीत.


